Wednesday, February 23, 2011

Tuesday, July 24, 2007

मै क्या क्या न भूल चुका

हमदर्द समझ जिसको मैंने, जख्म दिखाये थे अपने
छिडका नमक उसी ने इतना , मैं दर्द पुराना भूल चुका

मेरे घर की नींव हिला दी, मेरे रोपे पेड की चूलों ने
अब तो तौबा करली भैया, मैं पौध लगाना भूल चुका

कितने लोग मिलते है अब भी, बन कर मेरे अपने से
हाथ मिलाता हूं सबसे पर, दिल का मिलाना भूल चुका

रुकता हूं हर मोड पर लेकिन मुडकर पीछे देखा नहीं
याद तेरी है दिल में लेकिन, वो तेरा ठिकाना भूल चुका

मुहब्बत, अदावत, बेरूखी, वफ़ा अब तो सारे देख लिये
गुजरे हादसे याद हैं मुझको, जिनको जमाना भूल चुका

आईना हूं मैं लेकिन जाने क्यों, अक्श दिखाना भूल चुका
रंग बदलते चेहरे देख-देख कर, रंग में आना भूल चुका

झूठी मुस्कानों के पीछे, जब उठती देखीं लपटें नफ़रत की
प्रेम भरा है रग-रग में लेकिन, मैं प्रेम का गाना भूल चुका

रोने वालों की कदर कहां इस हंसती गाती दुनिया में
समझा इस राज को जबसे, मैं अश्क बहाना भूल चुका

Thursday, July 19, 2007

आपको यादे करता हूँ

याद करता हूँ आपको तन्हाई में
दिल डूबा हैं गमो की गहराई में
हमें मत दूंडो दुनिया की भीड़ में
हम तो मिलेंगे आपको आपकी परछाई में

Tuesday, July 17, 2007

आ जाओ की ज़िंदगी कम हैं

आ भी जाओ के ज़िंदगी कम है
तुम नही हो तो हर खुशी क़म है

वादा कर के ये कौन आया नही
शहर में आज रौशनी कम है

जाने क्या हो गया है मौसम को
धूप बहुत ओर चाँदनी क़म है

आईना देख कर ख़याल आया
आज कल उन की दोस्ती कम है

तेरे दम से ही मैं मुकम्मल हूँ
अब आ भी जाओ के ज़िंदगी क़म है

मैं ओर मेरी तनहाइयाँ

मैं अकेला तो नही था साथ थी मेरी तनहाइयाँ
कुछ उनका वजूद था कुछ थी मेरी परछाईयाँ

प्यार इस कदर बदनाम हो गया था मेरा यारों
की मुछ से पहले जाती थी मेरी रुसवाइयाँ

उसकी मधुर आवाज़ कानो मैं गूँजती थीकुछ इस तरह
जैसे चारों तरफ़ बज रही हों शहनाईयाँ

बेपनाह हुस्न था उनका ये माना हमने
मगर नापनी मुस्किल थी मेरे ईस्क की गहराइयाँ

मैने हर मोड़ पर वफ़ा की उसके साथ
और वफ़ा के बदले मुझे मिली सिर्फ़ बेवफ़ाइयां !

ये सावन

इस बार की बारिश का ये कैसा समा है
तेरी आँखो मैं भी कुछ नशा है

बड़ रही हैं धड़कने
ना जाने होना आज क्या है

बहके से हैं ये क़दम अपने
दिल मैं कुछ तूफ़ान जवान हैं

रख कुछ फ़ासले मुझसे
कहीं हो ना जाए कोई गुनाह हमसे

है कुछ इस बार का ये बेईमान मौसम
कुछ नया सा हैं इस बार का ये सावन.